सुन्दरम् सीड्स का लोगोसुन्दरम् बीजदेवास, म.प्र.

प्रमाणित बीज

गेहूँWheat

प्रमाणित गेहूँ बीज — ऊँचा अंकुरण, साफ़ दाना और खेत में भरोसेमंद उपज। बुवाई से गहाई तक की पूरी कृषि कार्यमाला नीचे दी गई है।

गेहूँ बीज का बैग

गेहूँ की उपलब्ध किस्में

बैग पर छपा ट्रुथफुल लेबल

हर बोरी पर यही मानक छपे होते हैं — खरीदते समय लॉट नंबर एवं वैधता की तारीख अवश्य जाँचें।

Truthful Lable

गेहूँ बीज

अंकुरण (न्यूनतम) / Germination (Min.)
85%
भौतिक शुद्धता (न्यूनतम) / Physical Purity (Min.)
98%
आनुवंशिक शुद्धता (न्यूनतम) / Genetic Purity (Min.)
95%
खरपतवार बीज (अधिकतम) / Weed Seeds (Max.)
10 / kg
नमी (अधिकतम) / Moisture (Max.)
12%
  • Non-GMO
  • Graded & Treated
  • Lot Traceable

प्रत्येक लॉट प्रमाणीकरण मानकों के अनुसार परीक्षित। मूल्य बैग पर छपे लेबल अनुसार मान्य।

गेहूँ की आदर्श कृषि कार्यमाला

गेहूँ की भरपूर उपज पाने के लिए एवं उत्पादित बीज की गुणवत्ता बनाए रखने की दृष्टि से निम्नानुसार कृषि कार्यमाला की सिफारिश की जाती है।

  1. 01खेत की तैयारी

    खरीफ फसल की कटाई के पश्चात एक या दो (आड़ी एवं खड़ी) जुताई कर के पाटा चलाएं। बुवाई के पूर्व गोबर की खाद 5–10 टन प्रति हैक्टेयर दें, साथ ही 3 से 4 क्विंटल एन.पी.के. उर्वरक को भी अच्छी तरह गोबर की खाद या खेत की मिट्टी में मिलाकर बखरनी के समय खेत में फैला दें।

  2. 02किस्म का चयन

    खेती के समय तथा सिंचाई जल की उपलब्धता के अनुसार गेहूँ की किस्म का चुनाव करें। क्षेत्र की भूमि की मांग अनुसार सिंचाई की संख्या बढ़ाएं।

  3. 03बीज की मात्रा एवं बुवाई

    छोटे दानों की किस्मों के लिए 100 किलो प्रति हैक्टेयर तथा बड़े दानों वाली किस्मों का 125 किलो प्रति हैक्टेयर बीज उपयोग में लाना चाहिए। लेट से बुवाई की अवस्था में बीज की दर में 20–25 प्रतिशत बढ़ोतरी करना लाभदायक एवं 20–25 प्रतिशत कमी करना अनावश्यक है। बीज की बुवाई 8–9 इंच कतार से कतार की दूरी पर करें।

  4. 04खाद एवं उर्वरक

    नत्रजन 100–120 कि.ग्रा., फॉस्फोरस 50–60 कि.ग्रा., पोटाश 25–30 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर दें। खाद को बुवाई के समय मिलाना चाहिए। नत्रजन की लगभग 1/2 मात्रा बुवाई के समय, 1/4 मात्रा पहली सिंचाई के साथ और शेष 1/4 मात्रा दूसरी सिंचाई के साथ दें।

  5. 05सिंचाई

    मेड़ बांधकर सिंचाई करें। छोटी-छोटी, आड़ी व खड़ी, दोनों तरह से सिंचाई की क्यारी बनाकर सिंचाई करने से पानी की कम मात्रा से अधिक क्षेत्रफल की सिंचाई की जा सकती है। ध्यान रखें, आवश्यकता से अधिक सिंचाई करने पर दानों में दुर्बलता आ जाती है तथा उपज कम हो जाती है।

  6. 06फसल की कटाई

    बीजोत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत आई हुई फसल की कटाई कम्बाईन अथवा हार्वेस्टर से न कराएं। यदि मशीनरी का उपयोग किया जाता है तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कटाई मशीन में किसी भी प्रकार से पूर्व के अवशेष बीज आदि न छूटें, मशीन पूर्णरूप से साफ होनी चाहिए।

  7. 07फसल की गहाई

    बीज की शुद्धता बनाए रखने हेतु गहाई पूर्व क्षेत्र को अच्छी तरह साफ कर लेना चाहिए। गहाई करते समय बीज को अधिक चोट न पहुँचे इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

  8. 08विशेष

    यदि बीज उपलब्ध नहीं है तो पैदावार में रखी गई फसल को बीज समान रूप से मिलाकर ही बोएँ।

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