चिया की उपलब्ध किस्म
Black Gold (ब्लैक गोल्ड)
उपलब्ध- प्रकार
- काले दाने वाली चिया
- बीज दर
- 2–3 kg/ha
- बुवाई का समय
- अक्टूबर – नवम्बर
- विशेषता
- कम पानी में तैयार, उच्च मूल्य वाली रबी फसल, 1 किलो पैक
बैग पर छपा ट्रुथफुल लेबल
हर पैक पर यही मानक छपे होते हैं — खरीदते समय लॉट नंबर एवं वैधता की तारीख अवश्य जाँचें।
Truthful Lable
चिया बीज (1 किलो पैक)
- अंकुरण (न्यूनतम) / Germination (Min.)
- 85%
- भौतिक शुद्धता (न्यूनतम) / Physical Purity (Min.)
- 97%
- आनुवंशिक शुद्धता (न्यूनतम) / Genetic Purity (Min.)
- 95%
- खरपतवार बीज (अधिकतम) / Weed Seeds (Max.)
- 10 / kg
- नमी (अधिकतम) / Moisture (Max.)
- 9%
- Non-GMO
- Graded
- Lot Traceable
प्रत्येक लॉट प्रमाणीकरण मानकों के अनुसार परीक्षित। मूल्य बैग पर छपे लेबल अनुसार मान्य।
चिया की आदर्श कृषि कार्यमाला
चिया की भरपूर उपज पाने के लिए एवं उत्पादित बीज की गुणवत्ता बनाए रखने की दृष्टि से निम्नानुसार कृषि कार्यक्रम की सिफारिश की जाती है।
01भूमि का चुनाव एवं तैयारी
हल्की से मध्यम, अच्छे जल निकास वाली दोमट भूमि चिया के लिए उपयुक्त है। एक जुताई के बाद दो बार बखर चलाकर पाटा लगाकर खेत भुरभुरा एवं समतल करें। बीज बहुत छोटा होने के कारण मिट्टी का ढेला रहित होना आवश्यक है।
02बीज की मात्रा एवं बुवाई
बीज दर केवल 2–3 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर रखें। बीज को रेत या बारीक मिट्टी में 1:10 अनुपात में मिलाकर बोएँ जिससे बुवाई एक समान हो। अक्टूबर से नवम्बर तक बुवाई करें। कतार से कतार की दूरी 45 से.मी., पौधे से पौधे 20–30 से.मी. तथा बुवाई की गहराई केवल 1–2 से.मी. रखें।
03बीजोपचार
बीज को 2 ग्राम थायरम अथवा ट्राइकोडर्मा 5 ग्राम प्रति किलोग्राम की दर से उपचारित कर छाया में सुखाकर बोएँ। रासायनिक मात्रा अधिक न करें, बीज छोटा एवं संवेदनशील होता है।
04खाद एवं उर्वरक
बुवाई पूर्व गोबर की सड़ी खाद 5–8 टन प्रति हैक्टेयर मिलाएं। नत्रजन 40–50 कि.ग्रा., फॉस्फोरस 30–40 कि.ग्रा. तथा पोटाश 20 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर दें — फॉस्फोरस व पोटाश की पूरी मात्रा तथा नत्रजन की आधी मात्रा बुवाई के समय, शेष नत्रजन पहली सिंचाई के साथ।
05सिंचाई
चिया कम पानी में तैयार होने वाली फसल है। बुवाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें, इसके बाद 3–4 सिंचाई — शाखा निकलते समय, फुलावस्था तथा दाना भरने की अवस्था में — पर्याप्त हैं। खेत में पानी न भरे, अन्यथा जड़ गलन होती है।
06खरपतवार नियंत्रण
प्रारंभिक 30 दिन खरपतवार से मुक्त रखना आवश्यक है। बुवाई के 20–25 तथा 40–45 दिन बाद दो निंदाई-गुड़ाई करें। छोटे पौधे की अवस्था में खरपतवारनाशी का प्रयोग न करें।
07कीट एवं रोग नियंत्रण
चिया में कीट प्रकोप सामान्यतः कम रहता है। माहू अथवा सफेद मक्खी दिखने पर नीम तेल 5 मि.ली. प्रति लीटर का छिड़काव पर्याप्त होता है। अधिक प्रकोप की स्थिति में ही निम्न कीटनाशक का प्रयोग करें।
सावधानी
- इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL — 60 मि.ली. प्रति एकड़
कीटनाशक का उपयोग लेबल निर्देशानुसार एवं कृषि विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।
08कटाई एवं गहाई
बुवाई के लगभग 110–130 दिन बाद जब बालियाँ सूखकर भूरी हो जाएँ, प्रातःकाल कटाई करें जिससे दाना झड़े नहीं। कटी फसल को तिरपाल पर सुखाकर हल्की थपकी अथवा कम गति की थ्रेशर से गहाई करें।
09सफाई एवं भंडारण
दाने को छानकर साफ करें एवं 8–9 प्रतिशत नमी तक सुखाकर वायुरोधी पात्र या बोरी में ठंडे, सूखे स्थान पर भंडारित करें। साफ़, चमकदार काला दाना ही खाद्य श्रेणी में अच्छा भाव पाता है।
