सुन्दरम् सीड्स का लोगोसुन्दरम् बीजदेवास, म.प्र.

प्रमाणित बीज

सोयाबीनSoybean

प्रमाणित सोयाबीन बीज — ऊँचा अंकुरण, साफ़ दाना और खरीफ में भरोसेमंद उपज। बुवाई से भंडारण तक की पूरी कृषि कार्यमाला नीचे दी गई है।

सोयाबीन बीज का बैग

सोयाबीन की उपलब्ध किस्में

बैग पर छपा ट्रुथफुल लेबल

हर बोरी पर यही मानक छपे होते हैं — खरीदते समय लॉट नंबर एवं वैधता की तारीख अवश्य जाँचें।

Truthful Lable

सोयाबीन बीज

अंकुरण (न्यूनतम) / Germination (Min.)
70%
भौतिक शुद्धता (न्यूनतम) / Physical Purity (Min.)
98%
आनुवंशिक शुद्धता (न्यूनतम) / Genetic Purity (Min.)
95%
खरपतवार बीज (अधिकतम) / Weed Seeds (Max.)
10 / kg
नमी (अधिकतम) / Moisture (Max.)
12%
  • Non-GMO
  • Graded & Treated
  • Lot Traceable

प्रत्येक लॉट प्रमाणीकरण मानकों के अनुसार परीक्षित। मूल्य बैग पर छपे लेबल अनुसार मान्य।

सोयाबीन की आदर्श कृषि कार्यमाला

सोयाबीन की भरपूर उपज पाने के लिए एवं उत्पादित बीज की गुणवत्ता बनाए रखने की दृष्टि से निम्नानुसार कृषि कार्यक्रम की सिफारिश की जाती है।

  1. 01भूमि का चुनाव एवं तैयारी

    अच्छे जल निकास वाली दोमट अथवा मध्यम भारी काली भूमि सोयाबीन हेतु सर्वोत्तम है। ग्रीष्म में एक गहरी जुताई कर, वर्षा प्रारंभ होने पर दो बार बखर चलाकर पाटा लगाकर खेत समतल करें। खेत में पानी न रुके, इसके लिए नालियाँ बनाएं।

  2. 02किस्म का चयन

    वर्षा की उपलब्धता एवं भूमि के प्रकार के अनुसार किस्म चुनें। कम वर्षा वाले क्षेत्रों में शीघ्र पकने वाली किस्म (JS 9560) तथा सामान्य वर्षा में मध्यम अवधि की किस्में (JS 335, JS 2172) लगाएं।

  3. 03बीज की मात्रा एवं बुवाई

    बीज दर 75–80 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर रखें। पर्याप्त वर्षा (4–5 इंच) होने पर जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के प्रथम पखवाड़े तक बुवाई करें। कतार से कतार की दूरी 45 से.मी. (शीघ्र किस्मों में 30 से.मी.), पौधे से पौधे 5 से.मी. तथा बुवाई की गहराई 3–4 से.मी. रखें।

  4. 04बीजोपचार

    बीज को 2 ग्राम थायरम + 1 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति किलोग्राम की दर से उपचारित करें, इसके बाद राइजोबियम 5 ग्राम + पी.एस.बी. कल्चर 5 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज मिलाकर छाया में सुखाकर तुरंत बोएँ।

  5. 05खाद एवं उर्वरक

    नत्रजन 20–25 कि.ग्रा., फॉस्फोरस 60–80 कि.ग्रा., पोटाश 20 कि.ग्रा. तथा गंधक 20 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर की सम्पूर्ण मात्रा बुवाई के समय कतारों में बीज से नीचे दें। खाद व बीज साथ मिलाकर न बोएँ।

  6. 06खरपतवार नियंत्रण

    बुवाई के तुरंत बाद पेंडामेथेलिन 1 कि.ग्रा. सक्रिय तत्व प्रति हैक्टेयर का छिड़काव करें अथवा बुवाई के 20–25 दिन बाद एक निंदाई-गुड़ाई करें।

  7. 07जल प्रबंधन

    सोयाबीन वर्षा आधारित फसल है। लंबे सूखे के समय फली भरने की अवस्था में एक सिंचाई लाभदायक है। अधिक वर्षा में खेत से पानी की निकासी अवश्य करें।

  8. 08कीट एवं रोग नियंत्रण

    तना मक्खी, चक्र भृंग, इल्ली एवं सफेद मक्खी की निगरानी करते रहें। आवश्यकता अनुसार निम्न में से किसी एक कीटनाशक का प्रयोग करें।

    सावधानी

    • क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 18.5% SC — 60 मि.ली. प्रति एकड़
    • इंडोक्साकार्ब 15.8% EC — 133 मि.ली. प्रति एकड़
    • थायोमिथोक्सम 25% WG — 40 ग्राम प्रति एकड़

    कीटनाशक का उपयोग लेबल निर्देशानुसार एवं कृषि विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।

  9. 09कटाई एवं गहाई

    पत्तियाँ झड़ने तथा फलियों का रंग भूरा होने पर कटाई करें; अधिक पकने पर फली चटकने से हानि होती है। बीज हेतु गहाई कम गति (400–500 आर.पी.एम.) पर करें जिससे दाना न टूटे। गहाई पूर्व खलिहान व मशीन पूरी तरह साफ करें।

  10. 10भंडारण

    बीज को 9–10 प्रतिशत नमी तक सुखाकर ही भंडारित करें। बोरियों को 4–5 थैलों से अधिक ऊँचा न रखें, अन्यथा अंकुरण क्षमता घटती है।

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