मूंग की उपलब्ध किस्म
PDM 139 (Samrat) (पी.डी.एम. 139 (सम्राट))
उपलब्ध- प्रकार
- मूंग
- बीज दर
- 12–15 kg/ha
- बुवाई का समय
- मार्च (ग्रीष्म) / जुलाई (खरीफ)
- विशेषता
- 60–65 दिन में पकने वाली, एक समान फली, ग्रीष्म एवं खरीफ दोनों हेतु
बैग पर छपा ट्रुथफुल लेबल
हर बोरी पर यही मानक छपे होते हैं — खरीदते समय लॉट नंबर एवं वैधता की तारीख अवश्य जाँचें।
Truthful Lable
मूंग बीज
- अंकुरण (न्यूनतम) / Germination (Min.)
- 75%
- भौतिक शुद्धता (न्यूनतम) / Physical Purity (Min.)
- 98%
- आनुवंशिक शुद्धता (न्यूनतम) / Genetic Purity (Min.)
- 95%
- खरपतवार बीज (अधिकतम) / Weed Seeds (Max.)
- 10 / kg
- नमी (अधिकतम) / Moisture (Max.)
- 9%
- Non-GMO
- Graded & Treated
- Lot Traceable
प्रत्येक लॉट प्रमाणीकरण मानकों के अनुसार परीक्षित। मूल्य बैग पर छपे लेबल अनुसार मान्य।
मूंग की आदर्श कृषि कार्यमाला
मूंग की भरपूर उपज पाने के लिए एवं उत्पादित बीज की गुणवत्ता बनाए रखने की दृष्टि से निम्नानुसार कृषि कार्यक्रम की सिफारिश की जाती है।
01भूमि का चुनाव एवं तैयारी
अच्छे जल निकास वाली दोमट अथवा मध्यम भारी भूमि मूंग हेतु उपयुक्त है। एक जुताई के बाद दो बखर चलाकर पाटा लगाकर खेत समतल करें। खेत में जल भराव नहीं होना चाहिए।
02बीज की मात्रा एवं बुवाई
ग्रीष्मकालीन मूंग की बुवाई मार्च के प्रथम पखवाड़े तक तथा खरीफ मूंग की बुवाई जुलाई में करें। बीज दर 12–15 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर रखें। कतार से कतार की दूरी 30 से.मी., पौधे से पौधे 10 से.मी. तथा बुवाई की गहराई 4–5 से.मी. रखें।
03बीजोपचार
बीज को 2 ग्राम थायरम + 1 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति किलोग्राम की दर से उपचारित करें, इसके बाद राइजोबियम 5 ग्राम + पी.एस.बी. कल्चर 5 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज मिलाकर छाया में सुखाकर बोएँ।
04खाद एवं उर्वरक
नत्रजन 20 कि.ग्रा. तथा फॉस्फोरस 40–50 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर की सम्पूर्ण मात्रा बुवाई के समय कतारों में बीज से नीचे दें। खाद व बीज साथ मिलाकर न बोएँ।
05सिंचाई
ग्रीष्मकालीन मूंग में 10–12 दिन के अंतराल पर 3–4 सिंचाई करें; फुलावस्था एवं फली भरने की अवस्था में सिंचाई अत्यंत आवश्यक है। खरीफ मूंग में लंबे सूखे पर ही सिंचाई करें।
06खरपतवार नियंत्रण
बुवाई के तुरंत बाद पेंडामेथेलिन 1 कि.ग्रा. सक्रिय तत्व प्रति हैक्टेयर का छिड़काव करें अथवा 20–25 दिन बाद एक निंदाई-गुड़ाई करें।
07कीट एवं रोग नियंत्रण
पीला मोजेक विषाणु फैलाने वाली सफेद मक्खी, माहू एवं फली छेदक की निगरानी करें। रोगग्रस्त पौधे तुरंत निकाल दें एवं आवश्यकता अनुसार निम्न में से किसी एक कीटनाशक का प्रयोग करें।
सावधानी
- थायोमिथोक्सम 25% WG — 40 ग्राम प्रति एकड़
- इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL — 60 मि.ली. प्रति एकड़
- क्विनालफॉस 25% EC — 400 मि.ली. प्रति एकड़
कीटनाशक का उपयोग लेबल निर्देशानुसार एवं कृषि विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।
08कटाई एवं गहाई
80–85 प्रतिशत फलियाँ काली पड़ने पर कटाई करें; अधिक पकने पर फली चटकती है। दो बार में तुड़ाई करने से उपज अधिक मिलती है। गहाई पूर्व खलिहान अच्छी तरह साफ कर लें।
09भंडारण
बीज को 9–10 प्रतिशत नमी तक सुखाकर ही भंडारित करें। भंडारण में घुन से बचाव हेतु बोरियों को साफ, सूखे एवं हवादार स्थान पर रखें।
