चना की उपलब्ध किस्में
JAKI 9218 (जाकी 9218)
उपलब्ध- प्रकार
- देशी चना
- बीज दर
- 90–100 kg/ha
- बुवाई का समय
- 15 अक्टूबर – 15 नवम्बर
- विशेषता
- उकठा सहनशील, मोटा दाना, मालवा में लोकप्रिय
Vijay (विजय)
उपलब्ध- प्रकार
- देशी चना
- बीज दर
- 75–80 kg/ha
- बुवाई का समय
- 15 अक्टूबर – 15 नवम्बर
- विशेषता
- असिंचित एवं सिंचित, दोनों अवस्था में भरोसेमंद
Vishal (विशाल)
उपलब्ध- प्रकार
- देशी चना
- बीज दर
- 90–100 kg/ha
- बुवाई का समय
- अक्टूबर – नवम्बर
- विशेषता
- आकर्षक मोटा दाना, बाज़ार में अच्छा भाव
Pusa Manav (पूसा मानव)
उपलब्ध- प्रकार
- देशी चना
- बीज दर
- 80–90 kg/ha
- बुवाई का समय
- अक्टूबर – नवम्बर
- विशेषता
- एक समान पकाव, समय पर बुवाई हेतु उपयुक्त
RVG-202 (आर.वी.जी.-202)
उपलब्ध- प्रकार
- देशी चना
- बीज दर
- 75–80 kg/ha
- बुवाई का समय
- अक्टूबर
- विशेषता
- जल्दी पकने वाली, सीमित सिंचाई में उपयुक्त
RVG-204 (आर.वी.जी.-204)
उपलब्ध- प्रकार
- देशी चना
- बीज दर
- 80–90 kg/ha
- बुवाई का समय
- अक्टूबर – नवम्बर
- विशेषता
- सिंचित अवस्था में अच्छी उपज
M-2 (एम-2)
उपलब्ध- प्रकार
- देशी चना
- बीज दर
- 90–100 kg/ha
- बुवाई का समय
- नवम्बर
- विशेषता
- मजबूत पौधा, देर से बुवाई सहनशील
बैग पर छपा ट्रुथफुल लेबल
हर बोरी पर यही मानक छपे होते हैं — खरीदते समय लॉट नंबर एवं वैधता की तारीख अवश्य जाँचें।
Truthful Lable
चना बीज
- अंकुरण (न्यूनतम) / Germination (Min.)
- 85%
- भौतिक शुद्धता (न्यूनतम) / Physical Purity (Min.)
- 98%
- आनुवंशिक शुद्धता (न्यूनतम) / Genetic Purity (Min.)
- 95%
- खरपतवार बीज (अधिकतम) / Weed Seeds (Max.)
- 10 / kg
- नमी (अधिकतम) / Moisture (Max.)
- 10%
- Non-GMO
- Graded & Treated
- Lot Traceable
प्रत्येक लॉट प्रमाणीकरण मानकों के अनुसार परीक्षित। मूल्य बैग पर छपे लेबल अनुसार मान्य।
चना की आदर्श कृषि कार्यमाला
चना की भरपूर उपज पाने के लिए एवं उत्पादित बीज की गुणवत्ता बनाए रखने की दृष्टि से निम्नानुसार कृषि कार्यक्रम की सिफारिश की जाती है।
01भूमि का चुनाव
चना की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में सफलतापूर्वक की जा सकती है। दोमट, मध्यम भारी भूमि जिसमें पानी का निकास अच्छा हो उपयुक्त होती है।
02भूमि की तैयारी
खरीफ फसल की कटाई के पश्चात पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से तथा एक–दो जुताई देशी हल या कल्टीवेटर से करके पाटा लगाकर समतल करें। खेत में पूर्व के अवशेष नहीं होना चाहिए।
03किस्म का चयन
अर्धसिंचित अवस्था में शीघ्र पकने वाली किस्में तथा सिंचित अवस्था में देर से पकने वाली किस्मों का चुनाव करना चाहिए। प्रमुख किस्में — विजय, जाकी 9218, RVG-202, M-2।
04बीज की बुवाई
छोटे दानों की किस्मों के लिए 75–80 कि.ग्रा./हेक्टेयर तथा बड़े दानों वाली किस्मों की 90–100 कि.ग्रा./हेक्टेयर बीज उपयोग में लाएं। समय रहते 15 अक्टूबर से 15 नवम्बर तक बुवाई करें। 15 दिसम्बर के बाद बुवाई करने पर उपज कम हो जाती है। कतार से कतार की दूरी 30 से.मी., पौधे से पौधे की दूरी 10 से.मी. तथा बुवाई की गहराई 6–8 से.मी. रखें।
05बीजोपचार
बीजों को पहले 2 ग्राम थायरम + 1 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति किलो ग्राम की दर से फफूंदनाशी से उपचारित कर, इसके बाद राइजोबियम 5 ग्राम + पी.एस.बी. कल्चर 5 ग्राम प्रति किलोग्राम की दर से उपचारित करें।
06खाद एवं उर्वरक
नत्रजन 20 कि.ग्रा. तथा फॉस्फोरस 50 कि.ग्रा. की सम्पूर्ण मात्रा बुवाई पूर्व कतारों में बीज से ठीक नीचे डालें। खाद व बीज साथ मिलाकर न बोयें।
07सिंचाई
आवश्यकतानुसार प्रथम सिंचाई शाखा निकलते समय तथा दूसरी सिंचाई फुलावस्था में दाना पकने के समय करें।
08खरपतवार नियंत्रण
सिंचित अवस्था में प्री-इमर्जेंस अथवा बुवाई के तुरंत बाद पेंडामेथेलिन 1 कि.ग्रा./हेक्टेयर की दर से प्रयोग करने पर खरपतवार का नियंत्रण किया जा सकता है।
09कीट नियंत्रण
निम्न में से किसी एक कीटनाशक का आवश्यकता अनुसार प्रयोग करें। कीट की प्रारंभिक अवस्था में विघातक 1.5 प्रतिशत घुलनशील पाउडर अथवा क्लोरोपायरीफॉस 0.4 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें।
सावधानी
- इमामेक्टिन बेंजोएट 5% SG — 75 से 100 मि.ग्रा. प्रति एकड़
- प्रोफेनोफॉस 50% EC — 300 से 350 मि.ली. प्रति एकड़
- अट्राक्लोर 10% EC — 80 से 100 मि.ली. प्रति एकड़
कीटनाशक का उपयोग लेबल निर्देशानुसार एवं कृषि विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।
10फसल की कटाई
पकने पर फसल की कटाई समय पर करें एवं खलिहान में सुखाकर गहाई करें। गहाई पूर्व क्षेत्र को अच्छी तरह साफ कर लें। भंडारण के लिए बीजों को 10 प्रतिशत नमी रहित में संग्रहण आवश्यक है।
